
UPSC की तैयारी शुरू करते ही सबसे पहली सलाह यही मिलती है: ‘पहले NCERT पढ़ो।’ लेकिन जैसे ही आप किताबें खरीदने निकलते हैं, उलझन शुरू हो जाती है। कक्षा 6 की किताब का नाम अब बदल चुका है, इतिहास की तीन अलग किताबें एक में जुड़ गई हैं, और कोई कहता है पुरानी NCERT पढ़ो तो कोई कहता है नई। ऐसे में UPSC NCERT Books List बनाना अपने आप में एक काम बन जाता है।
इस लेख में आपको कक्षा 6 से 12 तक विषय-वार किताबों की साफ सूची मिलेगी, यह भी कि 2023 के बाद आई नई किताबें UPSC के लिए कितनी काम की हैं, किस क्रम में पढ़ें, कितने हफ्ते लगेंगे, और कौन-सी किताबें आप छोड़ सकते हैं। हिंदी माध्यम वालों के लिए अलग से कुछ ज़रूरी बातें भी हैं।
संक्षेप में जवाब
अगर आपके पास समय कम है, तो इतना याद रखिए: इतिहास के लिए कक्षा 11-12 की पुरानी और मौजूदा किताबें, भूगोल और राजव्यवस्था के लिए कक्षा 11-12 की मौजूदा किताबें, और कक्षा 6-10 सिर्फ बुनियाद के लिए, वह भी चुनकर। कक्षा 6-8 की नई किताबें (2024 के बाद वाली) पढ़ना ज़रूरी नहीं है।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| किताबें जारी करने वाली संस्था | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) |
| परीक्षा | UPSC Civil Services Exam (Prelims, Mains) |
| सबसे ज़रूरी कक्षाएँ | कक्षा 11 और 12 |
| कुल किताबें (चुनी हुई सूची) | लगभग 25-30 किताबें |
| पहली बार पढ़ने में समय | 8-10 हफ्ते (रोज़ 5-6 घंटे) |
| मुफ्त PDF | ncert.nic.in/textbook.php |
| UPSC Official Website | upsc.gov.in |
UPSC के लिए NCERT इतनी ज़रूरी क्यों मानी जाती है?
NCERT किताबें आपको विषय की भाषा सिखाती हैं। Prelims में सवाल सीधे किताब की लाइन से कम आते हैं, लेकिन सवाल समझने के लिए जो बुनियादी शब्द और अवधारणाएँ चाहिए, वे यहीं से आती हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आपको ‘मानसून की वापसी’ या ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ का मूल मतलब नहीं पता, तो कोई भी करंट अफेयर्स मैगज़ीन आपकी मदद नहीं करेगी। NCERT वह ढाँचा देती है जिस पर बाद में Laxmikanth, Spectrum या अखबार की जानकारी टिकती है।
Mains में भी उत्तर लिखते समय सरल परिभाषा और साफ उदाहरण की ज़रूरत होती है। NCERT की भाषा इसी काम आती है।
तीन पीढ़ी की NCERT: पुरानी, मौजूदा और नई
ज़्यादातर गाइड सिर्फ ‘पुरानी Vs नई’ की बात करते हैं, जबकि आज बाज़ार में तीन तरह की NCERT मौजूद हैं। यही सबसे बड़ी उलझन की जड़ है।
| पीढ़ी | कब की | पहचान | UPSC में उपयोग |
|---|---|---|---|
| पुरानी NCERT | 2006 से पहले | R.S. शर्मा (प्राचीन भारत), सतीश चंद्र (मध्यकालीन भारत), बिपन चंद्र (आधुनिक भारत) | इतिहास के लिए अब भी बहुत उपयोगी, घटनाएँ क्रम से |
| मौजूदा NCERT | NCF 2005 के आधार पर | Themes in Indian History, Fundamentals of Physical Geography, Indian Constitution at Work | भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र का मुख्य आधार |
| नई NCERT | NCF 2023 के आधार पर (2024 से) | कक्षा 6-8: Exploring Society: India and Beyond; कक्षा 9: Understanding Society: India and Beyond | वैकल्पिक, सिर्फ समय हो तो |
2026-27 सत्र में कक्षा 6 से 9 तक सामाजिक विज्ञान की नई किताबें आ चुकी हैं। इनमें इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र की अलग-अलग किताबों की जगह एक ही जुड़ी हुई किताब है। कक्षा 10, 11 और 12 में अभी NCF 2005 वाली किताबें ही चल रही हैं। विज्ञान में भी कक्षा 6-8 की नई किताब Curiosity और कक्षा 9 की Exploration है।
नई किताबें UPSC के लिए कितनी काम की हैं?
नई किताबें विषयों को थीम के हिसाब से जोड़कर पढ़ाती हैं। स्कूल के बच्चे के लिए यह अच्छा तरीका है, लेकिन UPSC उम्मीदवार को कम समय में व्यवस्थित तथ्य चाहिए। इसलिए कक्षा 6-8 के लिए आप पुरानी (NCF 2005 वाली) किताबें, जैसे Our Pasts और The Earth: Our Habitat, पढ़ सकते हैं। ये किताबें अब स्कूलों में नहीं चलतीं, इसलिए इनका पुराना संस्करण किसी सीनियर से या पुरानी किताबों की दुकान से ले लें।
एक और बात जो कम लोग बताते हैं: 2022-23 के rationalisation में NCERT ने कई किताबों से कुछ अध्याय हटाए थे। UPSC का Syllabus इस बदलाव से नहीं बदला। इसलिए कक्षा 11-12 की किताब का वह संस्करण बेहतर है जिसमें पूरे अध्याय हों। पुराने साल का PDF इस काम आता है।
UPSC NCERT Books List: विषय-वार पूरी सूची
नीचे की सूची में हर विषय की वे किताबें हैं जो सच में UPSC Syllabus से जुड़ती हैं। हर किताब को ‘ज़रूरी’ या ‘समय हो तो’ में बाँटा गया है, ताकि आप अपना समय खुद तय कर सकें।
इतिहास (प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक)
| कक्षा | किताब | दर्जा |
|---|---|---|
| 6, 7, 8 | Our Pasts I, II, III | समय हो तो |
| 11 (पुरानी) | Ancient India: R.S. शर्मा | ज़रूरी |
| 11 (पुरानी) | Medieval India: सतीश चंद्र | ज़रूरी |
| 12 (पुरानी) | Modern India: बिपन चंद्र | ज़रूरी |
| 12 | Themes in Indian History I, II, III | ज़रूरी |
| 11 | An Introduction to Indian Art (Fine Arts) | ज़रूरी (कला और संस्कृति) |
| 11 | Themes in World History | Mains GS-1 के लिए |
भूगोल
| कक्षा | किताब | दर्जा |
|---|---|---|
| 6-10 | The Earth: Our Habitat, Resources and Development, Contemporary India I-II | बुनियाद के लिए |
| 11 | Fundamentals of Physical Geography | ज़रूरी |
| 11 | India: Physical Environment | ज़रूरी |
| 12 | Fundamentals of Human Geography | ज़रूरी |
| 12 | India: People and Economy | ज़रूरी |
भूगोल की किताबें Atlas के साथ ही पढ़ें। किसी नदी, दर्रे या खनिज क्षेत्र का नाम आए तो उसी समय नक्शे में देखें। अलग से नक्शा याद करने में बाद में दोगुना समय लगता है।
राजव्यवस्था (Polity)
- कक्षा 9-10: Democratic Politics I और II, बुनियादी समझ के लिए।
- कक्षा 11: Indian Constitution at Work (ज़रूरी) और Political Theory।
- कक्षा 12: Politics in India since Independence (ज़रूरी) और Contemporary World Politics, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मदद करती है।
अर्थशास्त्र
- कक्षा 9-10: Economics और Understanding Economic Development।
- कक्षा 11: Indian Economic Development (ज़रूरी)।
- कक्षा 12: Introductory Macroeconomics (ज़रूरी, खासकर बैंकिंग, मुद्रा और बजट वाले अध्याय)।
विज्ञान, पर्यावरण और समाजशास्त्र
विज्ञान के लिए कक्षा 6 से 10 की किताबें काफी हैं, खासकर जीव विज्ञान और रोज़मर्रा की तकनीक वाले अध्याय। पर्यावरण के लिए कक्षा 12 Biology के पारिस्थितिकी वाले अध्याय (Ecosystem, Biodiversity and Conservation) बहुत काम के हैं। समाजशास्त्र में कक्षा 12 की Indian Society और Social Change and Development in India GS-1 के ‘भारतीय समाज’ वाले हिस्से में मदद करती हैं।
किस क्रम में पढ़ें? 8 हफ्ते का प्लान
NCERT को विषय-वार पढ़ना बेहतर है, कक्षा-वार नहीं। यानी पहले भूगोल की कक्षा 6 से 12 तक, फिर राजव्यवस्था। इससे एक विषय की कड़ी टूटती नहीं।
| हफ्ता | विषय | किताबें |
|---|---|---|
| 1 | राजव्यवस्था | कक्षा 9-10 Democratic Politics, कक्षा 11 Indian Constitution at Work |
| 2 | राजव्यवस्था + अर्थशास्त्र | कक्षा 12 Politics in India since Independence, कक्षा 9-10 Economics |
| 3 | अर्थशास्त्र | कक्षा 11 Indian Economic Development, कक्षा 12 Macroeconomics |
| 4-5 | भूगोल | कक्षा 6-10 चुनिंदा अध्याय, फिर कक्षा 11-12 की चारों किताबें, Atlas के साथ |
| 6-7 | इतिहास | R.S. शर्मा, सतीश चंद्र, बिपन चंद्र, फिर Themes in Indian History |
| 8 | कला-संस्कृति, विज्ञान, पर्यावरण | Indian Art, कक्षा 6-10 विज्ञान, कक्षा 12 Biology के पर्यावरण अध्याय |
मान लीजिए आप नौकरी के साथ तैयारी कर रहे हैं और रोज़ सिर्फ 2-3 घंटे मिलते हैं। तब यही प्लान 14-16 हफ्ते का हो जाएगा। इसमें घबराने की बात नहीं है। जल्दी खत्म करने से ज़्यादा ज़रूरी है कि हर किताब के बाद उस विषय के पिछले साल के Prelims सवाल हल करें।
इसका आपके लिए क्या मतलब है?
पूरी सूची देखकर लग सकता है कि 60-70 किताबें पढ़नी होंगी। असल में ऐसा नहीं है। अगर आप ग्रेजुएट हैं और स्कूल के बेसिक्स याद हैं, तो कक्षा 6-8 को सिर्फ भूगोल और विज्ञान के लिए पलटिए। आपकी असली मेहनत कक्षा 11-12 की करीब 15 किताबों पर होनी चाहिए।
अलग-अलग पृष्ठभूमि वालों के लिए अलग शुरुआत:
- B.Tech/B.Sc. वाले: विज्ञान की किताबें जल्दी निकल जाएँगी। इतिहास और राजव्यवस्था पर ज़्यादा समय दें, क्योंकि यहाँ शब्दावली नई होगी।
- B.A. (इतिहास/राजनीति) वाले: इतिहास में पुरानी NCERT से दोहराव कर लें और अर्थशास्त्र व विज्ञान पर ध्यान दें।
- दूसरी या तीसरी बार Attempt देने वाले: पूरी NCERT दोबारा पढ़ने की जगह अपनी Prelims की गलतियाँ देखें और सिर्फ उन्हीं विषयों की किताबें दोहराएँ।
एक और व्यावहारिक बात: Prelims में Negative Marking है, गलत जवाब पर उस सवाल के एक-तिहाई अंक कटते हैं। NCERT से बनी पक्की समझ आपको अंदाज़े वाले जवाब कम करने में मदद करती है, और यही अंक अंतिम Cut-off में फर्क डालते हैं।
NCERT पढ़ने का सही तरीका
- पहली बार: बिना नोट्स बनाए पूरी किताब पढ़ें, बस समझने के लिए।
- दूसरी बार: किताब में ही हाइलाइट करें या हाशिये पर छोटे बिंदु लिखें। अलग नोट्स बनाने में बहुत समय जाता है।
- तीसरा कदम: उस विषय के पिछले 10 साल के Prelims सवाल हल करें और देखें कि कौन-से सवाल NCERT की किस बात से जुड़े थे।
- चौथा कदम: तभी स्टैंडर्ड किताब (जैसे Polity के लिए M. Laxmikanth) पर जाएँ।
हिंदी माध्यम के उम्मीदवार किन बातों का ध्यान रखें?
NCERT की लगभग सभी किताबें हिंदी में भी मिलती हैं और ncert.nic.in पर मुफ्त PDF के रूप में उपलब्ध हैं। R.S. शर्मा की ‘प्राचीन भारत’ और बिपन चंद्र की ‘आधुनिक भारत’ के हिंदी संस्करण भी काफी पढ़े जाते हैं।
फिर भी एक आदत डालें: हर महत्वपूर्ण शब्द का अंग्रेज़ी रूप भी याद रखें, जैसे ‘राज्य के नीति निदेशक तत्व’ के साथ Directive Principles of State Policy। Prelims का पेपर दोनों भाषाओं में होता है, और कई बार हिंदी अनुवाद उलझा हुआ होता है। ऐसे में अंग्रेज़ी शब्द देखकर सवाल तुरंत साफ हो जाता है।
कोचिंग नोट्स Vs खुद NCERT पढ़ना
| पहलू | NCERT खुद पढ़ना | तैयार NCERT नोट्स |
|---|---|---|
| समय | ज़्यादा (8-10 हफ्ते) | कम (3-4 हफ्ते) |
| समझ | गहरी, संदर्भ के साथ | सिर्फ तथ्य, संदर्भ छूट जाता है |
| Mains उत्तर लेखन | भाषा और उदाहरण दोनों मिलते हैं | उदाहरण कम मिलते हैं |
| किसके लिए ठीक | पहली बार तैयारी करने वाले | सिर्फ दोहराव के लिए |
सीधी बात यह है कि पहली बार किताब ही पढ़ें। नोट्स को दोहराव का साधन मानें, किताब का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. UPSC के लिए कक्षा 6 से 12 की सारी NCERT पढ़नी ज़रूरी हैं?
नहीं। कक्षा 11-12 की करीब 15 किताबें ज़रूरी हैं। कक्षा 6-10 बुनियाद के लिए हैं और इन्हें चुनकर पढ़ा जा सकता है।
2. UPSC के लिए पुरानी NCERT पढ़ें या नई?
इतिहास के लिए पुरानी (R.S. शर्मा, सतीश चंद्र, बिपन चंद्र) और मौजूदा कक्षा 12 Themes in Indian History, बाकी विषयों के लिए कक्षा 11-12 की मौजूदा किताबें सबसे अच्छी हैं।
3. कक्षा 6-8 की नई किताब Exploring Society UPSC के लिए काफी है?
यह पढ़ना अनिवार्य नहीं है। तथ्य व्यवस्थित ढंग से चाहिए तो इसकी जगह पुरानी Our Pasts और भूगोल की किताबें बेहतर रहती हैं।
4. UPSC NCERT Books List पढ़ने में कितना समय लगता है?
रोज़ 5-6 घंटे पढ़ने पर पहली बार में 8-10 हफ्ते लगते हैं। नौकरी के साथ यह 14-16 हफ्ते हो सकता है।
5. क्या NCERT हिंदी में मिलती है?
हाँ, लगभग सभी किताबें हिंदी में ncert.nic.in पर मुफ्त PDF के रूप में उपलब्ध हैं।
6. NCERT के नोट्स बनाने चाहिए या नहीं?
पहली बार में नहीं। दूसरी बार पढ़ते समय किताब में ही हाइलाइट करें या छोटे बिंदु लिखें, अलग नोट्स में समय बर्बाद न करें।
7. NCERT के बाद कौन-सी किताबें पढ़ें?
Polity के लिए M. Laxmikanth, आधुनिक इतिहास के लिए Spectrum, और भूगोल के लिए G.C. Leong व Atlas आम तौर पर अगला कदम होते हैं।
निष्कर्ष
NCERT UPSC की तैयारी की नींव है, पूरी इमारत नहीं। सही सूची चुनना, विषय-वार पढ़ना और हर किताब के बाद पिछले साल के सवाल हल करना, यही तीन चीज़ें इसे असरदार बनाती हैं। नई किताबों की वजह से घबराने की ज़रूरत नहीं है; कक्षा 11-12 की मौजूदा किताबें और इतिहास की पुरानी NCERT आज भी सबसे भरोसेमंद आधार हैं।
- आज ही ncert.nic.in से कक्षा 11 की Indian Constitution at Work का PDF डाउनलोड करें और राजव्यवस्था से शुरुआत करें।
- ऊपर दिए 8 हफ्ते के प्लान को अपने रोज़ के घंटों के हिसाब से बदलकर कागज़ पर लिख लें।
- हर विषय खत्म होते ही उस विषय के पिछले 10 साल के Prelims सवाल हल करें।
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लेखक: Manjesh Singh — CollectorBabu.in के संस्थापक और संपादक। इस लेख की जानकारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार की गई है। About Us